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सफलता की कहानी

कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान: डॉ. रघुवर साहू को मिलेगा प्रतिष्ठित 'नाबार्ड रिसर्चर ऑफ द ईयर' सम्मान

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 6 February, 2026 7:05 PM IST
कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान: डॉ. रघुवर साहू को मिलेगा प्रतिष्ठित 'नाबार्ड रिसर्चर ऑफ द ईयर' सम्मान

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अंतर्गत वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव, बक्सर में कार्यरत कनीय वैज्ञानिक-सह-सहायक प्राध्यापक, सस्य विज्ञान विभाग के डॉ. रघुवर साहू को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित 'NABARD RESEARCHER OF THE YEAR-2025' अवार्ड के लिए नामित किया गया है। डॉ. साहू को यह सम्मान कृषि, बागवानी और उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण आदिवासी समुदायों के उत्थान, जलवायु अनुकूल कृषि में नवाचार और किसानों की उत्पादकता व जीवन स्तर में सुधार लाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। उन्हें यह पुरस्कार 13 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वार्षिक दीक्षांत समारोह में प्रदान किया जाएगा।


डॉ. साहू को यह प्रतिष्ठित अवार्ड बांका जिले में आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत ग्रामीण आदिवासी समुदाय के उत्थान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया जा रहा है, जहाँ उन्होंने कृषि, बागवानी और उद्यमिता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने NICRA परियोजना के तहत सूखा प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से किसानों के खेतों पर उत्पादन बढ़ाने में भी अहम योगदान दिया है। दलहन और तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सुकुल अग्नि पंक्ति प्रत्यक्षण जैसे नवाचारों को लागू करने में भी उनकी महती भूमिका रही है।


जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत जलवायु समुत्थानशील कृषि में नवाचार, किसानों को क्षमता संवर्धन और स्वावलंबी बनाने हेतु FPO (किसान उत्पादक संगठन), SHG (स्वयं सहायता समूह) और किसान क्लब जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ उनके रहन-सहन के स्तर में उत्तरोत्तर उन्नयन में भी डॉ. साहू ने सराहनीय कार्य किया है। डुमरांव कृषि कॉलेज में अपने शोध के माध्यम से भी वे किसानों की उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने में निरंतर प्रयासरत हैं।


बांका जिले में डॉ. रघुवर साहू ने कस्टम हायरिंग सेंटर, वाटर हार्वेस्टिंग, समेकित कृषि प्रणाली, कम्युनिटी राइस नर्सरी मॉडल, कृषक पुस्तकालय, सीड कम फोडर बैंक और बीज ग्राम जैसे कई महत्वपूर्ण नवाचार किए हैं, जिनसे स्थानीय किसानों को सीधा लाभ मिला है। यह उल्लेखनीय है कि डॉ. साहू को पूर्व में भी कई प्रतिष्ठित अवार्ड से नवाजा जा चुका है, जो कृषि अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उनके समर्पण और विशेषज्ञता को दर्शाता है।


बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के माननीय कुलपति ने डॉ. साहू को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण, अनुसंधान, प्रसार और प्रशिक्षण जैसे सभी मापदंडों पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक उत्कृष्ट कार्य करके देश भर में बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं। डॉ. साहू का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को मान्यता देता है, बल्कि बिहार में कृषि शिक्षा और अनुसंधान के बढ़ते स्तर को भी रेखांकित करता है।