पटना के बापू सभागार में 4 अक्टूबर को कृषि विभाग द्वारा राज्यस्तरीय वासंतिक (रबी) कार्यशाला सह किसान सलाहकारों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया, जिसमें बिहार भर से लगभग 4000 किसान सलाहकारों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी रबी फसल की रणनीतियों पर चर्चा करना, किसान सलाहकारों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना और कृषि विकास में उनकी अहम भूमिका को रेखांकित करना था, जिसके तहत उनके मानदेय में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण देते हुए कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने किसान सलाहकारों की भूमिका को सराहा। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी प्रसार और किसानों की आय वृद्धि में इनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
अपने संबोधन में, शिवराज सिंह चौहान ने जोर दिया कि किसान सलाहकार कृषि योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है, जिसमें सलाहकारों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण वित्तीय वर्ष 2025-26 से किसान सलाहकार योजना के तहत उनके मासिक मानदेय को 13,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की घोषणा थी। यह 8,000 रुपये की वृद्धि किसान सलाहकारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसान सलाहकारों को किसानों और विभाग के बीच सेतु बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सक्रियता से पंचायत स्तर पर प्रगतिशील किसानों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो रहा है और उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार तेजी से हो रहा है। उन्होंने मानदेय वृद्धि के निर्णय को किसान हितैषी और राज्य की कृषि प्रणाली को सुदृढ़ बनाने वाला बताया। एक कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, "यह वृद्धि न केवल सलाहकारों के परिश्रम को सम्मान देती है, बल्कि जमीनी स्तर पर कृषि क्रांति को भी गति प्रदान करती है।"
सिन्हा ने आगे कहा कि किसान सलाहकारों का परामर्श और उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। कृषि प्रसार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उनकी भूमिका सराहनीय है, जिससे कृषि तकनीक का त्वरित विस्तार हो रहा है और कृषि ज्ञान आधारित रोजगार का सृजन भी संभव हो पा रहा है। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि वह किसान सलाहकारों की कार्यक्षमता को और मजबूत करेगी।
कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसान सलाहकारों की भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मानदेय वृद्धि और कार्यावधि विस्तार से उनका मनोबल बढ़ेगा और राज्य में कृषि के सतत विकास तथा किसानों की आय वृद्धि में निश्चित रूप से योगदान मिलेगा। इस अवसर पर राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण मेहता, कृषि निदेशक नितिन कुमार सिंह, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
यह कार्यशाला रबी की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई, साथ ही किसान सलाहकारों के लिए मानदेय वृद्धि की घोषणा ने उनके मनोबल को बढ़ाया, जिससे उम्मीद है कि वे किसानों तक कृषि योजनाओं और तकनीकों को और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचा पाएंगे।