डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार के सचिव शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में आज विभागीय सभागार में मत्स्य प्रभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना और बिहार को मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में भविष्य की रणनीति तैयार करना था।
बैठक के प्रारंभ में मत्स्य प्रभाग द्वारा संचालित योजनाओं, उपलब्धियों, वित्तीय प्रगति और आगामी लक्ष्यों से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति पावर प्वॉइंट के माध्यम से दी गई। सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने समीक्षा के दौरान विभागीय कार्यों को और अधिक गतिशील, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष बल दिया।
इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि मत्स्य प्रभाग से संबंधित विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण (निगरानी) के लिए तत्काल प्रभाव से पंचायत स्तर पर मत्स्यजीवी सहयोग समितियों का गठन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ राज्य से मछली के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु गहन विमर्श किया गया।
सचिव महोदय ने स्पष्ट किया कि बिहार को मत्स्य पालन में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभागीय समन्वय, तकनीकी सुदृढ़ता, समयबद्ध सेवा प्रदायगी तथा योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निगरानी, प्रबंधन और क्रियान्वयन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आम जनमानस को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर मछली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आधुनिक मत्स्य रिटेल आउटलेट्स की स्थापना की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, मत्स्य पालन क्षेत्र में वाणिज्यिक एवं बाजार आधारित प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए। शीर्षत कपिल अशोक ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जमीनी स्तर पर योजनाओं की सतत निगरानी करते हुए मत्स्य पालकों एवं किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता एवं तत्परता के साथ कार्य करें।