बिहार के कृषि भवन, पटना में आज नारियल विकास बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय, पटना और उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग के सहयोग से नारियल पर तकनीकी समृद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने की। इसका मुख्य उद्देश्य नारियल की खेती में नवीन तकनीकों का प्रसार, उत्पादन में वृद्धि और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री उपलब्ध कराना था। विशेषज्ञों ने नारियल उत्पादन की तकनीकी जानकारी और विपणन संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
पंकज कुमार ने जिला उद्यान पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती खाद्य आदतों और उपभोक्ताओं की पोषण मूल्य पर बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को अनुसंधान आधारित उत्पादन अपनाना होगा। इससे फलों और सब्जियों के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में नर्सरियों को मानक स्तर पर विकसित करने और गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, किसानों में तकनीकी जागरूकता और विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया।
उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में बिहार में 1 लाख नारियल पौधों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने किसानों तक समय पर उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री पहुँचाने और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नारियल जैसी बहुवर्षीय फसलें न केवल किसानों की आय बढ़ाएंगी, बल्कि राज्य की कृषि विविधीकरण रणनीति को भी मजबूती प्रदान करेंगी।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में बी.ए.यू., सबौर की वरीय वैज्ञानिक रूबी रानी और ए.टी.ए.आर.आई. के वरीय वैज्ञानिक अमरेंद्र कुमार ने नारियल की वैज्ञानिक खेती पर तकनीकी जानकारी साझा की। नारियल विकास बोर्ड के निदेशक राजीव भूषण प्रसाद ने सभी जिलों में समय पर पौध उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
बैठक में कृषि विभाग के विशेष सचिव वीरेंद्र प्रसाद यादव, अपर सचिव शैलेंद्र कुमार, कल्पना कुमारी, संयुक्त सचिव मदन कुमार, मनोज कुमार सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम बिहार में नारियल खेती के विस्तार और किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।