बिहार सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से फार्म मशीनरी बैंक (FMB)' स्थापित करने की पहल की है। दिनांक 02 सितंबर 2025 को उपमुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री, बिहार, विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की कि इन बैंकों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों तक आसान पहुँच मिलेगी। यह योजना बिहार राज्य के किसानों को समय पर जुताई, बुआई, कटाई और थ्रेसिंग जैसी कृषि क्रियाओं को पूरा करने में मदद करेगी, जिससे उनकी उत्पादकता और समग्र कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
श्री सिन्हा ने बताया कि फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये तक की लागत वाली परियोजना पर 80 प्रतिशत, यानि अधिकतम 8 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत स्थानीय फसल चक्र के अनुसार ट्रैक्टर चालित या स्वचालित जुताई, बुआई/रोपनी, हार्वेस्टिंग और थ्रेसिंग की प्रत्येक क्रिया का कम-से-कम एक-एक यंत्र लेना अनिवार्य होगा। यह अनुदान किसानों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करेगा और उन्हें अत्याधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ जीविका समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर फेडरेशन, आत्मा से संबद्ध फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप (एफ॰आई॰जी॰), नाबार्ड एवं राष्ट्रीयकृत बैंक से संबद्ध किसान क्लब, कृषक उत्पाद संगठन (एफ॰पी॰ओ॰), किसान उत्पादक कम्पनी (एफ॰पी॰सी॰), स्वयं सहायता समूह और पैक्स उठा सकते हैं। इससे सामूहिक स्तर पर महंगे कृषि उपकरणों की पहुँच सुनिश्चित होगी, जिससे छोटे किसानों को भी बड़े किसानों के समान तकनीकी सुविधाएँ मिलेंगी। इतना ही नहीं, यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
श्री सिन्हा ने जानकारी दी कि राज्य में अब तक कुल 569 फार्म मशीनरी बैंक सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 38 अतिरिक्त फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।
संक्षेप में, फार्म मशीनरी बैंक योजना बिहार के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना खेती की लागत घटाकर, उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि सुनिश्चित करेगी, जिससे राज्य के किसानों का जीवन स्तर बेहतर होगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे।