Logo

AgriPress

Dedicated to Farmers

© 2026 AgriPress. All rights reserved.

Made with ❤️ by Abhishek Kumar

सरकारी योजनाएं

बिहार में आलू प्रसंस्करण को बढ़ावा: 'लेडी रोसेटा' प्रभेद विस्तार योजना 17 जिलों में लागू

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 5 September, 2025 9:05 AM IST
बिहार में आलू प्रसंस्करण को बढ़ावा: 'लेडी रोसेटा' प्रभेद विस्तार योजना 17 जिलों में लागू

बिहार के उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 1 सितंबर, 2025 को घोषणा की कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना मद से आलू के प्रसंस्करण हेतु उपयुक्त प्रभेद लेडी रोसेटा के क्षेत्र विस्तार की एक महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दे दी है। इस योजना का उद्देश्य बिहार के 17 जिलों में आलू के प्रसंस्करण योग्य उत्पादन को बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र में आधुनिकता लाना है।


इस योजना के कार्यान्वयन हेतु कुल 04 करोड़ 88 लाख 08 हजार 07 सौ 60 रुपये की लागत पर राशि की निकासी और व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है। लेडी रोसेटा'आलू विस्तार योजना राज्य के औरंगाबाद, बाँका, बेगूसराय, भागलपुर, गया, गोपालगंज, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा, नवादा, पटना, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सिवान और वैशाली सहित कुल 17 जिलों में क्रियान्वित की जाएगी।


योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार में लेडी रोसेटा प्रभेद के क्षेत्र विस्तार के माध्यम से प्रसंस्करण उद्योग के लिए आलू के उत्पादन में वृद्धि करना है, जिससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। इसके तहत प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल बीज की आवश्यकता होगी, जिसे किसानों को 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल अथवा वास्तविक मूल्य, दोनों में से जो कम होगा, उसी दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।


प्रति हेक्टेयर इकाई लागत बीज मूल्य सहित 1,25,150 रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें से किसानों को 75 प्रतिशत यानि 93,863 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायतानुदान प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा; प्रथम किस्त के रूप में 70,397 रुपये इनपुट एवं उपादान क्रय के लिए तथा द्वितीय किस्त 23,466 रुपये स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के उपरांत किसानों को हस्तांतरित की जाएगी। यह प्रावधान सुनिश्चित करेगा कि किसान उन्नत बीज और अन्य आवश्यक सामग्री आसानी से प्राप्त कर सकें।


रबी (वसंतीय) मौसम में आलू की सफलतापूर्वक खेती अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के द्वितीय सप्ताह तक की जाती है। इस योजना में किसानों को टिश्यू कल्चर द्वारा संवर्धित प्रजनक बीज (जी-3) उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी आपूर्ति संबंधित जिला के सहायक निदेशक (उद्यान) द्वारा की जाएगी। किसान न्यूनतम 0.10 हेक्टेयर से अधिकतम 2.0 हेक्टेयर तक इस योजना का लाभ उठा सकेंगे, जिससे छोटे और मध्यम दोनों प्रकार के किसानों को फायदा होगा।


कृषि अर्थशास्त्री ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, यह योजना बिहार में आलू मूल्य श्रृंखला (Value Chain) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेडी रोसेटा जैसे प्रसंस्करण योग्य प्रभेद किसानों को बेहतर मूल्य दिलाकर उनकी आय में स्थिरता लाएंगे और राज्य में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह एक दूरदर्शी निर्णय है जो कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने आगे कहा कि इससे किसानों की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।


श्री सिन्हा ने जोर देकर कहा कि इस योजना से बिहार में आलू उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। 'लेडी रोसेटा' प्रभेद के विस्तार से न केवल राज्य में आलू उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। यह योजना किसानों को लाभ सुनिश्चित कर कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की भावना को और मजबूत करेगी, जिससे बिहार के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया संबल प्राप्त होगा।

Ad
PopUp Ad