बिहार सरकार ने राज्य के मत्स्य पालकों को मत्स्य व्यवसाय कार्य में संलग्न रहने के दौरान सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना शुरू की है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग द्वारा स्वीकृत इस केंद्र प्रायोजित योजना के तहत, राज्य के सभी जिलों में 18 से 70 वर्ष की आयु के सक्रिय मछुआरे और मत्स्य पालक कवर किए जाएंगे, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।
यह योजना विशेष रूप से मत्स्य व्यवसाय से जुड़े श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इस बीमा योजना का मुख्य पहलू यह है कि प्रीमियम राशि का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे बीमित मत्स्यपालकों को किसी भी प्रकार की प्रीमियम राशि का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
योजना के अंतर्गत, बीमित मत्स्यपालकों को किसी भी प्रकार की दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण अपंगता की स्थिति में उनके आश्रित या उक्त बीमित व्यक्ति को 5 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्थायी रूप से आंशिक अपंगता होने की स्थिति में बीमित मछुआरों को 2.50 लाख रुपये और आकस्मिक दुर्घटना में चिकित्सा हेतु (Accidental Hospitalisation) होने पर बीमा कंपनी द्वारा नियमानुसार 25 हजार रुपये की राशि चिकित्सा व्यय के लिए प्रदान की जाएगी।
इच्छुक लाभार्थी 31 दिसंबर 2025 तक fisheries.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए, इच्छुक व्यक्ति अधिकारिक वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizeHome.html पर जा सकते हैं या संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह योजना बिहार के मत्स्य पालकों के लिए एक बड़ी राहत प्रदान करती है, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय से जुड़े जोखिमों के बावजूद आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।