बिहार के किसान, जो किसान उत्पादक संगठन या कंपनी का हिस्सा हैं, हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं और उत्पादन को मजबूत कर सकते हैं। बिहार सरकार की योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री हॉर्टिकल्चर मिशन और केंद्र सरकार की मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) और नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की योजनाएं FPCs या FPGs के लिए विशेष अवसर प्रदान करती हैं। आइए जानते हैं कि बिहार के किसान इन योजनाओं का लाभ कैसे ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री हॉर्टिकल्चर मिशन - फल, फूल, सब्जियां, मसाले और मधुमक्खी पालन जैसे हॉर्टिकल्चर क्षेत्रों को बढ़ावा देना।
- सामान्य वर्ग के लिए 50%-70% तक सब्सिडी।
- SC/ST किसानों के लिए 90% तक सब्सिडी।
- उदाहरण: फूलों की खेती में 40,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की लागत पर 20,000 रुपये की सब्सिडी, मधुमक्खी पालन में 4,000 रुपये प्रति बॉक्स पर 3,000 रुपये की सब्सिडी।
- FPCs या FPGs के लिए लाभ: समूह के रूप में बड़े पैमाने पर खेती, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापना और बाजार सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) - हॉर्टिकल्चर फसलों का समग्र विकास, जिसमें क्षेत्र विस्तार, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और मार्केटिंग शामिल हैं।
- पॉली हाउस, शेडनेट हाउस और कोल्ड स्टोरेज के लिए सब्सिडी।
- FPCs या FPGs के लिए लाभ: समूह के रूप में कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वित्तीय सहायता।
नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) - वाणिज्यिक हॉर्टिकल्चर और पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना।
- वाणिज्यिक हॉर्टिकल्चर परियोजनाओं के लिए 40% तक सब्सिडी (अधिकतम 30 लाख रुपये प्रति परियोजना)।
- FPCs या FPGs के लिए लाभ: FPCs, जो पंजीकृत कंपनियां या सहकारी समितियां हैं, स्टोरेज और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सब्सिडी और ऋण ले सकते हैं।
अन्य सहायक योजनाएं - प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) FPCs या FPGs के सदस्य व्यक्तिगत रूप से प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) हॉर्टिकल्चर फसलों के लिए बीमा कवर, जो प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई करता है।
आवेदन प्रक्रिया
- पंजीकरण FPCs को डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
- दस्तावेज FPC का पंजीकरण प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, और परियोजना प्रस्ताव।
- संपर्क स्थानीय ब्लॉक या जिला हॉर्टिकल्चर कार्यालय।
- टिप कई योजनाएं पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर काम करती हैं, इसलिए जल्दी आवेदन करें।
FPCs, FPGs या FIGs के लिए विशेष अवसर
- सामूहिक लाभ FPCs या FPGs बड़े पैमाने पर खेती, प्रोसेसिंग यूनिट, और मार्केटिंग के लिए सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
- वित्तीय सहायता बैंक NHB सब्सिडी के साथ हॉर्टिकल्चर ऋण प्रदान करते हैं।
- बाजार पहुंच FPCs, FPGs को कोल्ड स्टोरेज और मार्केट लिंकेज के लिए विशेष सुविधाएं मिलती हैं, जिससे उत्पादों की बिक्री आसान होती है।
बिहार के किसान उत्पादक समूह और FPCs या FPGs के लिए हॉर्टिकल्चर योजनाएं आय बढ़ाने और व्यवसाय को मजबूत करने का सुनहरा अवसर हैं। मुख्यमंत्री हॉर्टिकल्चर मिशन, MIDH और NHB जैसी योजनाएं न केवल सब्सिडी प्रदान करती हैं, बल्कि तकनीकी सहायता और बाजार सुविधाएं भी उपलब्ध कराती हैं। किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए स्थानीय हॉर्टिकल्चर विभाग से संपर्क करना चाहिए और समय पर आवेदन करना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए एग्री-प्रेस, बिहार हॉर्टिकल्चर विभाग या नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड पर देखें।