बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य निदेशालय द्वारा बामेती, पटना में Fish and Disease Management विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के सभी 38 जिलों से एक-एक प्रगतिशील मत्स्य कृषक और पटना जिले से तीन प्रगतिशील मत्स्य कृषक सहित कुल चालीस मत्स्य कृषकों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य मत्स्य कृषकों को जलीय कृषि में प्रभावी मत्स्य रोग प्रबंधन, रोगाणुओं के प्रवेश को रोकने और जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के तरीकों पर प्रशिक्षित करना था।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक मत्स्य, अभिषेक रंजन की उपस्थिति में हुआ, जिन्होंने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया। प्रशिक्षण का फोकस मत्स्य कृषकों को उन आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था जो मछली पालन में होने वाले रोगों को नियंत्रित करने और तालाबों के पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि जलीय कृषि में रोग प्रबंधन सीधे तौर पर उत्पादन और कृषकों की आय को प्रभावित करता है।
कार्यक्रम में मत्स्य निदेशालय के संयुक्त मत्स्य निदेशक (रा0प0ई0), दिलीप कुमार सिंह ने भी अपना अभिभाषण दिया। ICAR-RCER, पटना के वैज्ञानिक ने मत्स्य तालाब प्रबंधन से संबंधित एक प्रस्तुतीकरण दिया। इसके अतिरिक्त, उप मत्स्य निदेशक (रा0प0ई0), पवन कुमार पासवान ने मत्स्य प्रभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। मछली रोग प्रबंधन पर टुनटुन सिंह ने विस्तृत चर्चा की, जबकि मनीष श्रीवास्तव (व्याख्याता, मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार केंद्र, मीठापुर पटना) ने बायोफ्लॉक तकनीक से मत्स्य पालन पर प्रस्तुतीकरण दिया।
मगध परिक्षेत्र के उप मत्स्य निदेशक, विपिन ने व्यावसायिक मत्स्य आहार उत्पादन और जल कृषि में पूरक आहार प्रबंधन पर जानकारी साझा की। ब्रुड बैंक, बखरी, सीतामढ़ी के सहायक निदेशक, मोहम्मद नियाजुद्दीन ने फिश सीड टेक्नोलॉजी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। एक अनुभवी मत्स्य कृषक ने कहा, 'ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम हमें न केवल नई तकनीकें सीखने में मदद करते हैं, बल्कि हमारी पुरानी समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान भी प्रदान करते हैं, जिससे हमारी आय में वृद्धि होती है।'
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अमित कुमार, मत्स्य विकास पदाधिकारी, मत्स्य अनुसंधान केंद्र, मीठापुर पटना ने रंगीन मछलियों के प्रजनन, पालन और संवर्धन से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण उप मत्स्य निदेशक, पवन कुमार पासवान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पहल बिहार के मत्स्य कृषकों की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने और राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।