बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (काॅम्फेड) के प्रबंध निदेशक अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में संघों और सभी इकाइयों के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सुधा द्वारा हाल ही में बाजार में उतारे गए नए उत्पादों मिष्टी दोई, ठेकुआ और गुझिया की बिक्री और वितरण को पूरे बिहार राज्य में प्रभावी ढंग से बढ़ावा देना था, ताकि इन पारंपरिक व्यंजनों को आम उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा सके और दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि ठेकुआ और गुझिया का उत्पादन वर्तमान में आरा एवं बरौनी डेयरी में किया जा रहा है। वहीं, मिष्टी दोई की शुरुआत पटना से हुई थी, लेकिन इसकी बढ़ती उपभोक्ता मांग को देखते हुए अब इसका उत्पादन राज्य की सभी डेयरी इकाइयों में किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से मिष्टी दोई की आपूर्ति तेज होगी और उसकी पहुँच पूरे बिहार में आसानी से सुनिश्चित हो पाएगी।
प्रबंध निदेशक अभिषेक रंजन ने बैठक के दौरान सभी संघों और इकाइयों के प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन नए उत्पादों की उपलब्धता बिहार के प्रत्येक जिले में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर दिया कि इन पारंपरिक उत्पादों को आम उपभोक्ताओं तक सुलभ बनाने के लिए विपणन और वितरण चैनल को और अधिक सशक्त तथा प्रभावी बनाया जाएगा। इसके तहत आउटलेट्स, खुदरा दुकानों और विभिन्न वितरण केंद्रों के नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि सुधा द्वारा बाजार में उतारे गए ये नए उत्पाद उपभोक्ताओं को पारंपरिक स्वाद और शुद्धता का अनुभव कराने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। बिहार की पारंपरिक मिठाइयों को आधुनिक प्रसंस्करण और स्वच्छ पैकेजिंग के साथ उपभोक्ताओं तक पहुँचाना काॅम्फेड की प्राथमिकताओं में से एक है। “पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक सुविधा के साथ पेश करना, यह केवल व्यवसाय नहीं बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक प्रयास है, बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने टिप्पणी की। यही कारण है कि सुधा ब्रांड लगातार उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सुधा के ये नए उत्पाद मिष्टी दोई, ठेकुआ और गुझिया शीघ्र ही उपभोक्ताओं के बीच अपनी पहचान बनाएंगे और लोकप्रियता हासिल करेंगे। जिस प्रकार सुधा के अन्य उत्पादों ने बिहार और राज्य से बाहर के बाजारों में अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए पहचान बनाई है, उसी प्रकार ये पारंपरिक उत्पाद भी उपभोक्ताओं को आकर्षित करेंगे।
काॅम्फेड प्रबंधन ने आशा व्यक्त की है कि सुधा के नए उत्पाद बिहार की पारंपरिक मिठाइयों को एक नई पहचान देंगे, उनकी बाजार पहुँच बढ़ाएंगे और साथ ही राज्य के हजारों दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।