बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव और कॉम्फेड (बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड) के अध्यक्ष, शीर्षत कपिल अशोक को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के निदेशक मंडल में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में नामित किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा बुधवार को की गई यह घोषणा बिहार के दुग्ध उत्पादन और सहकारिता आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस मनोनयन से NDDB, कॉम्फेड और बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के बीच नीतियों के अनुपालन, बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन को अभूतपूर्व गति मिलेगी। साथ ही, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ राज्य स्तर पर तालमेल और सुदृढ़ होगा, जिसका सीधा लाभ राज्य के पशुपालकों को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल पशुपालकों की आय में वृद्धि और उनके जीवनस्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
श्री अशोक के व्यापक अनुभव और नेतृत्व से बिहार सहित देश के डेयरी क्षेत्र को एक नई दिशा मिलने की अपेक्षा है। उनके प्रतिनिधित्व से किसान सशक्तिकरण, नवाचार, सहकारिता आधारित संगठनात्मक विकास और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नई संभावनाओं को बल मिलेगा।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड का योगदान भारत में श्वेत क्रांति के समय से ही देश और बिहार राज्य में सहकारी डेयरी आंदोलन को मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। NDDB के मार्गदर्शन और सहयोग से बिहार में डेयरी सहकारिता ने नई ऊंचाइयां प्राप्त की हैं।
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय–3’ के अंतर्गत प्रत्येक गाँव में दुग्ध उत्पादन समितियों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। श्री अशोक के NDDB बोर्ड में शामिल होने से इस पहल को और अधिक बल मिलेगा, जिससे राज्य में दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। यह कदम सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा और देश में डेयरी क्षेत्र के विकास में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।