बिहार राज्य के सभी सरकारी विभागों के शिक्षक, पदाधिकारी और शिक्षकेतर कर्मियों ने NMOPS, बिहार प्रदेश इकाई के आह्वान पर नई पेंशन योजना (NPS-UPS) के विरोध में ब्लैक डे मनाया। यह विरोध पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर किया गया, जिसमें कर्मियों ने अपने कार्यस्थलों पर शांतिपूर्वक काले बैज/लोगो लगाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
प्रदर्शनकारी कर्मियों ने एक स्वर में कहा कि NPS-UPS योजना किसी भी रूप में सरकारी कर्मचारियों के हित में नहीं है। उनका तर्क है कि यह योजना न केवल कर्मियों के भविष्य को प्रभावित कर रही है, बल्कि इससे राज्य के राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है। कर्मियों का दावा है कि राज्य सरकार द्वारा बिहार के राजस्व को बाजार आधारित पेंशन के नाम पर केंद्र प्रायोजित PFDRA को भेजा जा रहा है, जिससे सभी को नुकसान हो रहा है।
इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए NMOPS ने आगामी प्रदर्शनों की रूपरेखा तैयार की है। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के सभी राज्यों सहित बिहार के सभी जिलों के मुख्यालयों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए सामूहिक उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, NMOPS, बिहार प्रदेश इकाई के आह्वान पर 14 सितंबर को पटना में एक विशाल पेंशन संघर्ष महारैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें राज्य भर से एक लाख से अधिक कर्मी, पदाधिकारी और शिक्षक शामिल होने की उम्मीद है। इस रैली के माध्यम से सरकारी कर्मचारीगण सरकार से पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की पुरजोर मांग करेंगे।
इस मुहिम में राज्य और केंद्र के लगभग सभी विभागों के 75 बड़े संघों से जुड़े शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मी, पुलिस, चिकित्सक, नर्स और अभियंता कर्मियों ने बिहार राज्य में पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए 14 सितंबर 2025 को प्रस्तावित पेंशन संघर्ष महारैली में शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई है। यह आंदोलन सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की वापसी के लिए एक मजबूत मांग को दर्शाता है।