बिहार सरकार ने राज्य में मत्स्य पालकों के लिए फिश फीड मील विद्युत सहायता योजना को स्वीकृति दे दी है, जिसका उद्देश्य मछली पालन को और अधिक लाभकारी बनाना है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत स्थापित फिश फीड मीलों को उनके मासिक विद्युत खपत के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी उत्पादन लागत में कमी आएगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
इस योजना के तहत, फिश फीड मीलों को मासिक विद्युत खपत पर 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से वित्तीय सहायता अनुदान दिया जाएगा। विशेष रूप से, 100 टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता वाले फिश फीड मीलों के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये प्रतिमाह और अधिकतम 24 लाख रुपये प्रति वर्ष की दर से विद्युत वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। यह अनुदान केवल व्यवसायिक दर से आकलित बिजली बिल पर ही देय होगा, जिसमें फिक्स्ड चार्ज और अन्य अतिरिक्त चार्ज शामिल नहीं होंगे।
राज्य में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत कुल 53 फिश फीड मील स्थापित किए गए हैं, जिनमें से कार्यरत फीड मील संचालकों को इस योजना का लाभ मिलेगा। 'स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण फिश फीड के उत्पादन को प्रोत्साहन देना समय की मांग है, और यह योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे छोटे और बड़े दोनों तरह के मत्स्य उद्यमियों को लाभ होगा,' एक मत्स्य उद्यमी ने बताया।
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो चुकी है। इच्छुक लाभार्थी 31 दिसंबर 2025 तक fisheries.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवेदक को अपने फिश फीड मील का पोस्टकार्ड साइज का फोटो, मोबाइल नंबर, बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड संलग्न करना होगा। प्राप्त आवेदनों पर उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html वेबसाइट पर या संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय में संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है।
यह योजना बिहार सरकार की मत्स्य क्षेत्र को सशक्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।