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कृषि समाचार

बिहार में बढ़ेगी किसानों की आय: दलहन-तिलहन की एमएसपी पर खरीद और विशेष सहायता के लिए केंद्र से गुहार

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 1 April, 2026 9:57 PM IST
बिहार में बढ़ेगी किसानों की आय: दलहन-तिलहन की एमएसपी पर खरीद और विशेष सहायता के लिए केंद्र से गुहार

नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान राम कृपाल यादव ने बिहार के कृषि क्षेत्र के समग्र विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक विशेष कृषि विकास पैकेज की मांग की। बैठक में उन्होंने राज्य की कृषि संबंधी प्रमुख मांगों को लेकर एक विस्तृत अनुरोध पत्र भी सौंपा।


राम कृपाल यादव ने राज्य में चल रहे किसान फार्मर आई॰डी॰ अभियान की प्रगति साझा करते हुए बताया कि बिहार में अब तक 47 लाख से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। यह कार्य कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और राजस्व कर्मचारियों द्वारा मिशन मोड में कैंप लगाकर किया जा रहा है। उर्वरकों की स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 तक राज्य में 2.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.46 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.11 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.43 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 1.02 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।


न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे पर बिहार के कृषि मंत्री ने मसूर की खरीद की स्वीकृति देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। साथ ही, उन्होंने बिहार में चना, सरसों और अन्य तिलहन फसलों की भी एमएसपी पर खरीद शुरू करने का पुरजोर अनुरोध किया। उन्होंने बिहार को दलहन एवं तिलहन उत्पादन के लिए प्राथमिक राज्यों की श्रेणी में शामिल करने और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत अतिरिक्त केंद्रीय सहायता देने की मांग रखी।


राज्य की भौगोलिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार में लगभग 90 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। छोटी जोत के कारण सिंचाई और संसाधनों की कमी रहती है, इसलिए बिहार को विशेष केंद्रीय सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने सिंचाई अवसंरचना, कृषि यंत्रीकरण, उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और भंडारण सुविधाओं के विकास पर बल दिया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए बिहार की आवश्यकतानुसार विशेष कृषि विकास पैकेज देने का आश्वासन दिया है।