भाकपा-माले ने उत्तर बिहार में लगातार बिगड़ते सूखे के हालात पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल प्रभाव से उत्तर बिहार को सुखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। पार्टी के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि इस बार बारिश की भारी कमी से धान की रोपनी बुरी तरह प्रभावित हुई है और लाखों किसानों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की उदासीनता के कारण किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर खेतों में पानी नहीं है, वहीं दूसरी ओर यूरिया खाद की भारी किल्लत है। जिन इलाकों में यूरिया उपलब्ध है, वहां खुलेआम कालाबाजारी और जमाखोरी हो रही है, जिसके चलते किसानों को कई गुना दाम पर यूरिया खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
भाकपा-माले ने सरकार से चार प्रमुख मांगें रखी हैं:
1. उत्तर बिहार को तुरंत सुखाग्रस्त घोषित कर प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाई जाए।
2. सभी जिलों में यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति और सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए।
3. कालाबाजारी में शामिल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
4. किसानों के लिए ऋण माफी, सिंचाई सहायता और विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो भाकपा-माले अपने जनप्रतिनिधियों और किसान संगठनों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।