आर्या योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं के लिए रबी सब्ज़ियों के नर्सरी विकास विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण पीरपैंती, सबौर, कहलगांव और सन्हौल जैसे प्रखंडों के युवाओं को ग्रामीण स्तर पर गुणवत्ता युक्त रोपण सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान अनिता कुमारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर नर्सरी की स्थापना कर वे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध करा सकते हैं, जिससे उनकी स्वयं की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने युवाओं को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उद्यान विशेषज्ञ डॉ. ममता कुमारी ने प्रतिभागियों को बीज की गुणवत्ता कैसे संरक्षित की जाए, विभिन्न सब्जियों के पौध कैसे तैयार किए जाएं और सब्जी की नर्सरी में प्रोट्रे (protray) का क्या महत्व है, इस बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के दौरान, युवाओं को गुणवत्ता युक्त पौध तैयार करने और उनकी क्षमता संवर्धन हेतु आर्या अंतर्गत प्रोट्रे भी उपलब्ध कराए गए। इस कार्यक्रम में केंद्र के सभी वैज्ञानिक उपस्थित थे, जो युवाओं को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।