बिहार के किसानों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खबर है। राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की आगामी किस्त प्राप्त करने के लिए सभी लाभार्थियों को अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री करवानी होगी। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा 6 जनवरी, 7 जनवरी, 8 जनवरी और 9 जनवरी को एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
आपको बता दें कि फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टैक परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है, जिसका सीधा उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसानोन्मुख बनाना है। कृषि मंत्री यादव ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि इसके अंतर्गत प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट 'फार्मर आईडी' तैयार की जा रही है, जिसमें किसान के भूमि संबंधी विवरण को आधार (Aadhaar) से जोड़ा जाएगा, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
भारत सरकार द्वारा पीएम-किसान योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। बिहार में इस योजना के 75 लाख से अधिक सक्रिय लाभुक हैं। आगामी किस्त का लाभ सुनिश्चित करने हेतु इन सभी लाभुकों को अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कैंप में भाग लेकर फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल/ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा सत्यापन कराते हुए भूमि संबंधी दावा दर्ज करना होगा।
राम कृपाल यादव ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य राज्य में संचालित सभी कृषि एवं इससे संबंधित किसान कल्याण योजनाओं को वास्तविक और पात्र किसानों तक सीधे पहुँचाना है। इस समन्वित प्रयास के तहत, कृषि विभाग के कर्मी किसानों का ई-केवाईसी कर रहे हैं, जबकि राजस्व विभाग के राजस्व कर्मचारी बकेट सत्यापन का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अप्रैल माह से यह प्रक्रिया राज्यभर में प्रारंभ कर दी गई है। अब तक कृषि विभाग के कर्मियों द्वारा 30 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी सफलतापूर्वक किया जा चुका है। बकेट सत्यापन के उपरांत 5 लाख 85 हजार से अधिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें 3 लाख 70 हजार से अधिक पीएम-किसान लाभार्थी शामिल हैं।
कृषि मंत्री ने राज्य के सभी किसानों से अपील की है कि वे फार्मर रजिस्ट्री को सफल बनाने हेतु 6 से 9 जनवरी तक चलाए जा रहे विशेष अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और समय पर अपनी फार्मर आईडी बनवाकर सरकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ सुनिश्चित करें।