बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर (BAC Sabour) में समेकित कृषि प्रणाली (Integrated Farming System - IFS) के महत्व को रेखांकित करते हुए कटिहार जिले के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आपको बता दें कि यह पाँच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 05 से 09 जनवरी 2026 तक चला, जिसका सफल आयोजन आत्मा (ATMA), कटिहार के सहयोग से किया गया था। इस प्रशिक्षण में कटिहार जिले के विभिन्न प्रखण्डों से कुल तीस किसान और एक पदाधिकारी शामिल हुए, जिन्हें नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को यह सिखाना था कि समेकित कृषि प्रणाली में नवीनतम कृषि घटकों का किस तरह से समायोजन किया जाए, जिससे उनकी लागत मुल्य में कमी आए और आमदनी ज्यादा से ज्यादा हो सके। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए इन पाँच दिनों के दौरान लगभग पच्चीस व्याख्यान विभिन्न विषयों पर विभिन्न प्राध्यापकों द्वारा दिए गए, जिन्होंने अपने ज्ञान से किसानों को प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन एवं समापन सत्र में डाॅ. मुकेश कुमार सिन्हा, सह अधिष्ठाता एवं प्राचार्य, बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर उपस्थित थे। उन्होंने देश में कृषि के बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि समेकित कृषि प्रणाली एवं नवाचार आधारित कृषि दृष्टिकोण का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि पारंपरिक खेती की जगह अब किसानों को वैज्ञानिक और एकीकृत मॉडल अपनाने की आवश्यकता है।
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षण समन्वयक डाॅ. सौरभ कुमार चैधरी, सस्य विज्ञान विभाग, सबौर, उपस्थित थे। इस आवासीय प्रशिक्षण से यह उम्मीद है कि कटिहार के किसान अब उन्नत तकनीकों और प्रबंधन प्रणालियों को अपने खेतों में लागू कर बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।