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कृषि समाचार

कृषि विज्ञान केंद्र सबौर में किसानों की आय बढ़ाने को लेकर मंथन: मिश्रित खेती और मूल्यवर्धन पर जोर

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 13 September, 2025 10:34 PM IST
कृषि विज्ञान केंद्र सबौर में किसानों की आय बढ़ाने को लेकर मंथन: मिश्रित खेती और मूल्यवर्धन पर जोर

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में हाल ही में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 22वीं बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों तक कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना, खेती की नई पद्धतियों को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना था। बैठक की शुरुआत द्वीप प्रज्जवलन के साथ हुई, जिसके बाद केंद्र की वरीय वैज्ञानिक और प्रधान अनीता कुमारी ने विगत वर्ष की प्रगति रिपोर्ट और पिछले निर्णयों के अनुपालन की जानकारी प्रस्तुत की।


बैठक में कुलपति डी. आर. सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र की किसानों तक पैठ को और भी प्रभावपूर्ण तरीकों से बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को एकल खेती से मिश्रित खेती और अंतरवर्ती खेती की ओर बढ़ने की जरूरत है। डी. आर. सिंह ने किसानों को पारंपरिक खेती के बजाय मूल्यवर्धित उत्पादों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का भी सुझाव दिया। निदेशक अटारी पटना, अंजनी कुमार ने प्राकृतिक खेती को किसानों तक पहुंचाने के लिए केंद्र को वित्तीय सहायता देने की बात कही, जबकि जिला कृषि पदाधिकारी ने भागलपुर में मोटे अनाज की खेती के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।


संयुक्त निदेशक कृषि ने दलहन में खरपतवार की समस्या पर ध्यान आकर्षित किया और मक्का व आलू की मिश्रित खेती को बढ़ावा देने की वकालत की। किसान नीरज कुमार ने उच्च मूल्य वाली फसलों (हाई वैल्यू क्रॉप) को बढ़ावा देने की बात कही। बैठक में बताया गया कि कृषि विज्ञान केंद्र सबौर ने कृषक समूहों के साथ मिलकर पुष्प उत्पादन की नई प्रजातियों का प्रदर्शन कर क्षेत्र विस्तार किया है। केंद्र द्वारा कृषि पर्यटन (एग्रो टूरिज्म) की दिशा में किए गए कार्यों और प्राकृतिक खेती की उपयोगिता व प्रक्रिया पर किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।


बैठक में बिहार कौशल प्रशिक्षण की सफलता, अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण, पशुओं के टीकाकरण कार्यक्रम, NICRA परियोजना, चारा प्रबंधन की आवश्यकता, अनुसूचित जाति उपयोजना का प्रतिवेदन और कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी समीक्षा की गई। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र किसानों की आय में वृद्धि, कृषि क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र पटना के वरीय वैज्ञानिक मुन्नवरउल्लाह, जिला पशुपालन पदाधिकारी अंजलि कुमारी सिन्हा, उपनिदेशक प्रशिक्षण अभय मानकर, डीडीएम नाबार्ड सहित कई अन्य अतिथि उपस्थित रहे। निदेशक प्रसार शिक्षा आर. के. सोहाने ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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