नई दिल्ली में कृषि भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), भागलपुर के RKVY-RAFTAAR Agri-Business Incubator (R-ABI) कार्यक्रम के स्टार्टअप मॉडल को व्यापक सराहना मिली। विश्वविद्यालय ने अपने पांच वर्षों की नवाचार यात्रा और महत्वपूर्ण उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया, जिसे कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) के सलाहकार अरिंदम मोडक ने सराहा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
बैठक की अध्यक्षता अरिंदम मोडक ने की, जिसमें मनोज कुमार और वीरेंद्र शर्मा (निदेशक, RKVY); अशोक कुमार (अवर सचिव); केशव यादव (एएसओ); प्रभात कुमार (सलाहकार); तथा सचिन शर्मा (प्रोग्रामर) जैसे कई अधिकारी उपस्थित रहे। बीएयू सबौर के पीआई, SABAGRI एवं निदेशक अनुसंधान, ए.के. सिंह ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह इनक्यूबेशन सेंटर पूर्वी भारत का एक अग्रणी कृषि-उद्यमिता केंद्र बन चुका है। अब तक 133 स्टार्टअप्स को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है और 71 स्टार्टअप्स को अनुदान के लिए चयनित किया गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन और ग्रामीण नवाचार को सीधा लाभ मिला है।
बैठक में बीएयू से जुड़े प्रमुख स्टार्टअप्स जैसे OCB Cakes Pvt. Ltd., GOATWAY Technologies Pvt. Ltd., Patnakart Agro Farms Pvt. Ltd., Mercredi Solutions Pvt. Ltd., Savitri Renewable Energy Pvt. Ltd. और Technoground Pvt. Ltd. ने अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं। अरिंदम मोडक ने बीएयू भागलपुर के स्टार्टअप मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि, “यह मॉडल किसानों तक नवाचार पहुँचाने का सफल उदाहरण है, जिसे अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।” इस दौरान आनंद कृषि विश्वविद्यालय, गुजरात के R-ABI की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण प्रकाशन -SABAGRI’s Innovations: A Detailed Product Portfolio और A Chronicle of Successful Startups from SABAGRIs, BAU Sabour भी जारी किए गए। बीएयू सबौर की ओर से दीपक कुमार पटेल (सह-अन्वेषक) और कीर्ति (इन्क्यूबेशन कोऑर्डिनेटर) ने भी बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया।
बीएयू सबौर के कुलपति डी.आर. सिंह ने कहा कि, बीएयू सबौर आज कृषि स्टार्टअप इनक्यूबेशन का राष्ट्रीय केन्द्र बनकर उभरा है। SABAGRI के माध्यम से हम केवल नवाचार को प्रोत्साहित नहीं कर रहे, बल्कि ग्रामीण युवाओं और किसानों को उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। हमारे स्टार्टअप्स की उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि बिहार अब भारत के एग्री-बिजनेस परिदृश्य में एक नई पहचान बना रहा है।
कुल मिलाकर, बीएयू भागलपुर का R-ABI कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में एक मॉडल के रूप में उभरा है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है और जो ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।