Logo

AgriPress

Dedicated to Farmers

© 2026 AgriPress. All rights reserved.

Made with ❤️ by Abhishek Kumar

कृषि समाचार

कॉम्फेड सुधा में विश्वकर्मा पूजा का उल्लास: कर्मचारियों ने मांगी कार्यकुशलता और सुरक्षा

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 21 September, 2025 4:56 PM IST
कॉम्फेड सुधा में विश्वकर्मा पूजा का उल्लास: कर्मचारियों ने मांगी कार्यकुशलता और सुरक्षा

कॉम्फेड (सुधा) की सभी यूनियनों और इकाइयों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा बड़े हर्ष, श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई। इस वार्षिक अनुष्ठान के दौरान, कर्मचारियों ने ब्रह्मांड के प्रथम शिल्पकार एवं अभियंता माने जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की आराधना कर कार्यस्थल की सुरक्षा, कार्यकुशलता, सटीकता और संचालन में निरंतर उत्कृष्टता की सामूहिक कामना की। यह पूजा कॉम्फेड मुख्यालय के साथ-साथ सभी दुग्ध संयंत्रों, चारा संयंत्रों और यूनिट कार्यालयों में आयोजित की गई थी।


पूजन के अवसर पर पूरे संयंत्र परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मशीनरी और उपकरणों के सामने विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जो केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि कार्यस्थल पर प्रयोग होने वाले साधनों और तकनीक के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का भी माध्यम बना। "यह पूजा हमें याद दिलाती है कि हमारी मशीनें केवल धातु और तार नहीं हैं, बल्कि वे हमारे परिश्रम और प्रगति का अभिन्न अंग हैं, जिनके कुशल संचालन में ही हमारी सफलता निहित है," एक यूनियन प्रतिनिधि ने बताया।


पूजन उपरांत सभी इकाइयों में प्रसाद स्वरूप सुधा की पारंपरिक मिठाइयाँ सुधा पेड़ा, लड्डू, गुलाबजामुन और खीर कर्मचारियों एवं आगंतुकों के बीच वितरित की गईं। इस अवसर पर सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया, जिसने आयोजन को और भी आत्मीय और स्नेहपूर्ण बना दिया। प्रसाद वितरण ने कर्मचारियों के बीच भाईचारे और एकता की भावना को और प्रगाढ़ किया।


विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम में सभी स्तर के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। यूनियन पदाधिकारी, प्रबंधकगण तथा अन्य कार्मिकों ने एक साथ सामूहिक रूप से पूजा में भाग लिया। इसने न केवल सांस्कृतिक गौरव को पुनः स्थापित किया बल्कि संगठनात्मक सामूहिकता और अनुशासन की भावना को भी सशक्त किया, जो किसी भी औद्योगिक इकाई के सुचारू संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।


इस अवसर पर कॉम्फेड के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सुधा केवल गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की पहचान ही नहीं है, बल्कि यह संस्था बिहार की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं को भी आत्मसात करती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और उन्नत अवसंरचना के साथ सुधा अपनी जड़ों और मूल्यों से जुड़ी हुई है, और यही संतुलन इसे देश की अग्रणी डेयरी संस्थाओं में स्थापित करता है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि सुधा परिवार आने वाले समय में भी गुणवत्ता, परंपरा और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा तथा प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच विश्वास और आत्मीयता की डोर को और मजबूत करेगा।

Ad
PopUp Ad