कृषि भवन, पटना के सभागार में कृषि विभाग, बिहार के प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राज्य के सभी प्रमंडलों और जिलों के कृषि पदाधिकारी शामिल हुए, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि इनपुट अनुदान, खरीफ फसलों की बुवाई, बिहान ऐप पर डेटा अपलोड की स्थिति, डीजल अनुदान, आकस्मिक फसल योजना और वर्षापात की स्थिति सहित विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।
बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषि इनपुट से संबंधित सभी आवेदनों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीज वितरण का सीधा संबंध फसलों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि से है, इसलिए बीज योजना की समीक्षा फसल मौसम के बाद आच्छादन और उत्पादन के आंकड़ों के आधार पर की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की कई महत्वपूर्ण योजनाओं, जैसे डिजिटल क्रॉप सर्वे, बीज वितरण, मिलेट्स बीज वितरण, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, बीज उपचार, मृदा उपचार, पौधा संरक्षण, प्राकृतिक खेती, कृषि सखी प्रशिक्षण, ढैचा बीज वितरण कार्यक्रम और परंपरागत कृषि विकास योजना की गहन समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, पक्का वर्मी पीट इकाई, गोबर/बायोगैस इकाई, कार्बनिक उर्वरक और रासायनिक उर्वरक की उपलब्धता तथा वितरण की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
प्रधान सचिव ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कृषि विभाग के फार्मों में बीजों का प्रत्यक्षण किया जाए, जिससे किसानों को उन्नत बीज और नई कृषि तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योजनाओं का लाभ किसानों तक पारदर्शी और समय पर पहुँचे, जिससे खेती अधिक लाभकारी बने और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो। इस अवसर पर बिहार राज्य बीज निगम के प्रबंध निदेशक निर्मल कुमार, कृषि निदेशक नितिन कुमार सिंह और संयुक्त सचिव मनोज कुमार सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।