मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर के जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना और पशुपालकों व मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकों से लैस कर आत्मनिर्भर बनाना है। उद्घाटन समारोह में मुजफ्फरपुर से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम सहित बड़ी संख्या में पशुपालक, मत्स्यपालक और किसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े रहे।
राज्य सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण समाज के आर्थिक उत्थान, रोजगार सृजन और किसानों के लिए नई संभावनाएं उपलब्ध कराना रही है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के तहत स्थापित यह प्रशिक्षण केंद्र किसानों और लाभुकों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराएगा, उन्हें बाजार से जोड़ेगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा। मुजफ्फरपुर के भगवानपुर में स्थित इस केंद्र में पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग और गव्य विभाग के कार्यालय भी संचालित होंगे।
केंद्र का मुख्य कार्य किसानों, पशुपालकों और मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकी जानकारी प्रदान करना है। यहां उन्हें नवीनतम पशुपालन तकनीकें, मछली पालन की उन्नत विधियाँ, चारे का वैज्ञानिक उपयोग, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और विपणन की रणनीतियों पर नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक स्थानीय किसान संघ के प्रतिनिधि ने इस अवसर पर कहा, "इस केंद्र की स्थापना से हम अपनी पारंपरिक पद्धतियों में आधुनिकता का समावेश कर पाएंगे, जिससे न केवल हमारी आय बढ़ेगी, बल्कि हमारे बच्चों के लिए गांव में ही बेहतर भविष्य के रास्ते खुलेंगे।"
यह प्रशिक्षण केंद्र केवल बड़े किसानों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं को भी इसमें विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। विभाग की योजना है कि महिलाओं को दुग्ध उत्पादन, पोल्ट्री, मछली बीज उत्पादन और पशु आहार निर्माण जैसे क्षेत्रों से जोड़ा जाए, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। ग्रामीण युवाओं के लिए भी यह केंद्र रोजगार और उद्यमिता का केंद्र बनेगा, जहां प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, ऋण, अनुदान और बाजार सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से आने वाले वर्षों में मुजफ्फरपुर सहित पूरे उत्तरी बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। इससे दूध और मछली उत्पादन में वृद्धि होगी, किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी और बाजार से जुड़ाव बढ़ने के कारण उत्पादकों को बेहतर दाम मिलेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने से पलायन की प्रवृत्ति भी कम होने का अनुमान है।
यह केंद्र न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी सकारात्मक बदलाव लाएगा। ग्रामीण समाज में महिलाएं और युवा अब केवल आश्रित नहीं रहेंगे, बल्कि अपनी मेहनत और प्रशिक्षण के दम पर आत्मनिर्भर बनेंगे। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने उद्घाटन को ग्रामीण समाज के लिए एक बड़ा उपहार बताया, जो किसानों, पशुपालकों और मत्स्यपालकों को नई तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।