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कृषि समाचार

खरीफ 2025: बिहार में खाद की कालाबाजारी पर लगाम, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 13 September, 2025 10:57 PM IST
खरीफ 2025: बिहार में खाद की कालाबाजारी पर लगाम, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

बिहार के उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की कि राज्य में शारदीय (खरीफ) 2025 मौसम के लिए उर्वरक की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है और किसी भी जिले में इसकी कमी नहीं है। यह जानकारी उन्होंने उर्वरक उपलब्धता की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद दी, जिसमें किसानों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सरकार की सख्त निगरानी पर जोर दिया गया।


भारत सरकार ने बिहार के लिए 10.32 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 2.20 लाख मीट्रिक टन डी॰ए॰पी॰, 2.50 लाख मीट्रिक टन एन॰पी॰के॰, 0.50 लाख मीट्रिक टन एम॰ओ॰पी तथा 0.75 लाख मीट्रिक टन एस॰एस॰पी॰ की आवश्यकता निर्धारित की है। वर्तमान में, 12 सितंबर, 2025 तक राज्य में 1.26 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.60 लाख मीट्रिक टन डी॰ए॰पी॰, 1.94 लाख मीट्रिक टन एन॰पी॰के॰, 0.61 लाख मीट्रिक टन एम॰ओ॰पी॰ और 0.96 लाख मीट्रिक टन एस॰एस॰पी॰ का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। विभाग लगातार निगरानी रख रहा है ताकि किसानों की आवश्यकता के अनुसार इन उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जा सके। खेतों में समय पर और सही मात्रा में उर्वरक का मिलना फसल की जान होता है, एक ऐसी ज़रूरत जिसे सरकार गंभीरता से ले रही है।


राज्य सरकार ने उर्वरक की कालाबाजारी और अधिक मूल्य वसूली पर अंकुश लगाने के लिए कड़े उपाय किए हैं। शारदीय (खरीफ) 2025 सीजन के दौरान अब तक 53 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और 255 प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं। यह कार्रवाई सरकार की पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को उजागर करती है।


सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रखंडवार उर्वरक का उप-आवंटन आच्छादन एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार किया जाना है। उर्वरक प्रतिष्ठानों में पॉस मशीन पर प्रदर्शित मात्रा और वास्तविक भौतिक उपलब्धता का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरक तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित कर छापामारी अभियान तेज कर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में गठित नियमित निरीक्षण एवं छापामारी दल भी जिले स्तर पर निगरानी कर रहे हैं।


बिहार सरकार किसानों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग की सतत निगरानी और सख्त कार्रवाई से किसानों को राहत मिलेगी, जिससे शारदीय (खरीफ) 2025 की फसलों की उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

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