केंद्र सरकार ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म के तहत कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की। बिहार के उपमुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे किसानों के बोझ को कम करने और खेती की लागत घटाने वाला एक बड़ा कदम बताया, जिससे उत्पादन बढ़ने में सहायता मिलेगी।
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि अब कृषि कार्य में उपयोग होने वाले विभिन्न यंत्रों, उपकरणों, और निर्दिष्ट जैव-कीटनाशक तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी की दरें घटाई गई हैं। विशेष रूप से, ट्रैक्टर के टायर और पुर्जों पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। इसी प्रकार, ट्रैक्टर पर जीएसटी की दर भी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम लघु एवं सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि ट्रैक्टर और उसके उपकरण खेती की रीढ़ हैं।
निर्दिष्ट जैव-कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले जैविक उत्पाद सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे और टिकाऊ कृषि पद्धति को बढ़ावा मिलेगा। जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को प्रोत्साहन देने के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली और स्प्रिंक्लर पर भी जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।
इसके अतिरिक्त, कृषि, बागवानी और वानिकी हेतु मिट्टी की तैयारी, खेती, कटाई और थ्रेसिंग में उपयोग होने वाली मशीनों पर भी जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। इससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित होगी और कृषि कार्य अधिक कुशलता से संपन्न हो सकेंगे।
विजय कुमार सिन्हा ने केंद्र सरकार के इस निर्णय को किसानों के हित में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे न केवल किसानों की उत्पादन लागत में कमी आएगी, बल्कि उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी और बिहार सहित पूरे देश के कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होगा।