बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर ने हाल ही में राज्य स्तरीय स्किल प्रतियोगिता 2025–26 (फ्लोरिस्ट्री ट्रेड) का सफल आयोजन किया है। यह आयोजन विश्वविद्यालय के उद्यानिकी विभाग (फ्लोरिकल्चर एवं लैंडस्केपिंग) में हुआ, जिसका केंद्रीय उद्देश्य युवाओं में व्यावहारिक कौशल, सृजनात्मकता तथा रोजगारोन्मुख दक्षताओं का विकास करना और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए श्रेष्ठ प्रतिभागी का चयन करना था।
आपको बता दें कि प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी डॉ. परमवीर सिंह ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को अपनी दक्षता साबित करने के लिए तीन विशिष्ट टेस्ट प्रोजेक्ट दिए गए थे— कट फ्लावर अरेंजमेंट, हैंड-टाइड बुके और बॉडी एडॉर्नमेंट। इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रतिभागियों के कलात्मक और तकनीकी कौशल का परीक्षण किया गया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन तीन सदस्यीय जूरी द्वारा किया गया, जिन्होंने डिजाइन, रंग-संतुलन, नवाचार, तकनीकी शुद्धता एवं समग्र प्रस्तुति जैसे कड़े मानकों के आधार पर प्रतिभागियों का आकलन किया। जूरी सदस्यों ने युवाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए महत्वपूर्ण व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
इस बात की जानकारी देते हुए कि ऐसी प्रतियोगिताएं रोजगार के अवसर प्रदान करने में सहायक होती हैं, बिहार कौशल विकास मिशन, पटना के प्रतिनिधि अजीत कुमार भी आयोजन में उपस्थित रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ युवाओं को सीधे उद्योग-आधारित कौशल से जोड़ती हैं, जो उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करने में सहायक सिद्ध होती हैं।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए फ्लोरिकल्चर के बढ़ते महत्व, स्वरोजगार की संभावनाओं, स्टार्ट-अप एवं उद्यमिता के अवसरों तथा आधुनिक फ्लोरिस्ट्री में कौशल की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ युवाओं को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होती हैं। कार्यक्रम के अंत में, नोडल अधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागियों को भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा सफल आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों, जूरी सदस्यों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।