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कृषि समाचार

जल कृषि बीमा योजना: देशी मछली पालकों के लिए सुनहरा अवसर, मिलेगा 1.10 लाख रुपये तक का आर्थिक प्रोत्साहन

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 9 January, 2026 7:37 PM IST
जल कृषि बीमा योजना: देशी मछली पालकों के लिए सुनहरा अवसर, मिलेगा 1.10 लाख रुपये तक का आर्थिक प्रोत्साहन

देशी मछली पालन से जुड़े मत्स्य कृषकों के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना (PM-MKSSY) के तहत जल कृषि बीमा योजना लेकर आई है, जो मत्स्य पालकों के व्यवसाय को सुरक्षित और लाभकारी बनाने का एक सुनहरा अवसर है। आपको बता दें कि यह योजना कतला, रोहु, मुगल, कॉमन कार्प जैसी देशी मछलियाँ पालने वाले मत्स्य कृषकों को किफायती बीमा विकल्पों तक पहुंच प्रदान करके प्रोत्साहित करती है, जिसका मुख्य उद्देश्य उनके व्यवसाय को प्राकृतिक जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।


इस योजना के अंतर्गत एक्वाकल्चर किसानों, मत्स्य पालकों, केजकल्चर से जुड़े मत्स्य कृषक, स्वयंसहायता समूहों, सहकारी संस्थाओं, FFPOs और मछली पालन से जुड़े सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी बीमा लेने के लिए पूरी तरह पात्र होंगे। इतना ही नहीं, Aquaculture फार्म/तालाब के पारंपरिक तरीकों के अलावा आधुनिक गहन Aquaculture प्रणालियों जैसे RAS, CAGE, BIO–FLOC और Raceway को भी इस बीमा योजना के दायरे में शामिल किया गया है।


सरकार द्वारा इस योजना के तहत दो प्रकार के बीमा विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पहला, मूलभूत बीमा (Basic Insurance), जो बाढ़, चक्रवात, प्रदूषण, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं, दूसरा विकल्प व्यापक बीमा (Comprehensive Insurance) का है, जिसमें मूलभूत बीमा के सभी जोखिमों के साथ-साथ मछलियों में होने वाले रोगों और अतिरिक्त जोखिमों से भी सुरक्षा दी जाती है।


आर्थिक प्रोत्साहन के प्रावधान

इस बात की जानकारी देते हुए योजना के तहत बताया गया है कि जो किसान प्रीमियम राशि का भुगतान कर बीमा पॉलिसी लेते हैं, उन्हें सरकार द्वारा प्रीमियम राशि का 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि (Incentive) के रूप में वापस दिया जाता है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला मत्स्य कृषकों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाता है, जिससे कुल प्रोत्साहन 50 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।


वन टाइम इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 1 लाख रुपए निर्धारित की गई है। हालांकि, छोटे किसानों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिलाओं को अतिरिक्त 10 प्रतिशत राशि यानी कुल 1 लाख 10 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस योजनांतर्गत वन टाइम इंसेंटिव हेतु फार्म साइज की पात्रता जल विस्तार क्षेत्र के प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपए तथा अधिकतम 4 हेक्टेयर वाटर स्प्रेड एरिया तक सीमित है। अन्य गहन Aquaculture प्रणालियों जैसे RAS, CAGE, BIO–FLOC, Raceway के लिए यह सीमा 1800 घनमीटर है।


योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए मत्स्य पालक https://nfdp.dof.gov.in/ पर ऑनलाइन विज़िट कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर 1800-425-1660/ 1800-345-6185 पर कॉल कर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, किसान अपने नजदीकी जिला मत्स्य कार्यालय में जाकर भी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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