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कृषि समाचार

ICAR वैज्ञानिकों से आग्रह: बिहार में कपास क्रांति के लिए विशेष पैकेज ऑफ प्रैक्टिस तैयार करें - कृषि मंत्री राम कृपाल यादव

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 4 January, 2026 10:17 PM IST
ICAR वैज्ञानिकों से आग्रह: बिहार में कपास क्रांति के लिए विशेष पैकेज ऑफ प्रैक्टिस तैयार करें - कृषि मंत्री राम कृपाल यादव

मुंबई स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान में आयोजित वैज्ञानिक किसान संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट किया कि कृषि का समग्र विकास ही राज्य के विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज का यह संवाद वैज्ञानिक शोध और किसानों के व्यावहारिक अनुभवों के समन्वय से कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो 'लैब से लैंड' की भावना को सशक्त करेगा।


बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ की लगभग 76 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का योगदान लगभग 21 प्रतिशत है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए, कृषि मंत्री यादव ने बताया कि बिहार सरकार कृषि रोड मैप के माध्यम से चरणबद्ध एवं योजनाबद्ध तरीके से कृषि विकास को आगे बढ़ा रही है।


मंत्री यादव ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार की कृषि अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि आय वृद्धि, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और बाज़ार से जुड़ाव के समग्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में उन्होंने कपास जैसी औद्योगिक एवं नकदी फसल के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिहार के कई क्षेत्रों में मृदा, जलवायु और श्रम उपलब्धता कपास की खेती के लिए अत्यंत अनुकूल संभावनाएँ प्रस्तुत करती हैं। कपास को फसल विविधीकरण के रूप में अपनाने से किसानों की जोखिम क्षमता कम होगी और आय के नए स्रोत विकसित होंगे।


कपास उत्पादन को सफल बनाने के लिए वैज्ञानिक सहयोग की महत्ता बताते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि बीज चयन, कीट एवं रोग प्रबंधन, फाइबर गुणवत्ता सुधार तथा लागत घटाने वाली तकनीकों पर वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने कहा कि कपास आधारित जिनिंग, स्पिनिंग एवं वैल्यू एडिशन इकाइयों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जा सकते हैं।


उन्होंने विशेष रूप से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे बिहार-विशेष 'कपास पैकेज ऑफ प्रैक्टिस' (Package of Practice), कम अवधि एवं जलवायु-अनुकूल किस्में, कीट एवं रोग प्रतिरोधी तकनीकों तथा किसान-हितैषी लागत मॉडल पर अपने व्यावहारिक सुझाव साझा करें। उन्होंने यह भी अपेक्षा जताई कि इन सुझावों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बिहार में लागू करने की दिशा में संस्थागत सहयोग प्रदान किया जाए।


समापन करते हुए मंत्री यादव ने कहा कि बिहार सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, बाज़ार एवं उद्योग से जोड़ने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के मार्गदर्शन की सराहना की और कहा कि किसान- वैज्ञानिक- सरकार की मजबूत साझेदारी से ही टिकाऊ कृषि और समृद्ध किसान का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। जब किसान समृद्ध होगा, तभी विकसित बिहार और विकसित भारत की संकल्पना साकार होगी।

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