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कृषि समाचार

डिजिटल क्रांति से सशक्त बिहार के किसान: ‘बिहार कृषि’ एप पर मिलेंगी सभी योजनाएं और खेती की सलाह

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 13 September, 2025 10:30 PM IST
डिजिटल क्रांति से सशक्त बिहार के किसान: ‘बिहार कृषि’ एप पर मिलेंगी सभी योजनाएं और खेती की सलाह

बिहार में कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी सरल व पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से 'बिहार कृषि' मोबाइल एप्लीकेशन की शुरुआत की गई है। उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यह एप किसानों को घर बैठे विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाने, साथ ही खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त करने में मदद कर रहा है। चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत विकसित इस एप को अब तक लगभग 6.90 लाख किसानों ने डाउनलोड कर पंजीकरण कराया है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और किसानों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।


यह मोबाइल एप्लीकेशन किसानों के लिए एक बहुउद्देशीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रहा है। इसके जरिए किसान न केवल विभिन्न कृषि योजनाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं, बल्कि अपने आवेदनों की स्थिति और स्वीकृति संबंधी जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। एप में 'किसान पासबुक' की सुविधा भी जोड़ी गई है, जो बैंक पासबुक की तरह किसानों को कृषि विभाग से प्राप्त अनुदान का विस्तृत ब्यौरा प्रदान करती है। सिन्हा ने कहा कि यह व्यवस्था पारदर्शिता को बढ़ाती है और किसानों के आत्मविश्वास को मजबूत करती है।


'बिहार कृषि' एप पौधा संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण सलाह भी प्रदान करता है। इसमें धान, गेहूं, मक्का, दलहन (अरहर, मूंग, चना, मसूर) और तेलहन (सरसों, तिल, मूंगफली) जैसी प्रमुख फसलों के साथ-साथ आम और केला जैसी उद्यानिक फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों के नियंत्रण संबंधी सुझाव भी शामिल हैं, जो किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने और उत्पादन व उत्पादकता में सुधार करने में सहायता करते हैं। इसके अतिरिक्त, किसान विभिन्न फसलों के ताज़ा और विगत दिनों के बाजार मूल्य की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। एप पर कृषि संबंधित निर्देशिका भी उपलब्ध है, जिसमें मंडी, कोल्ड स्टोरेज, पैक्स, कृषि विज्ञान केंद्र और विभागीय अधिकारियों की संपर्क जानकारी दी गई है।


एप में 'बिहार कृषि रेडियो' की सुविधा भी है, जिसके माध्यम से किसान कृषि संबंधी नवीनतम जानकारी, विशेषज्ञों के विचार और सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यक्रम सुन सकते हैं। यह मौसम से जुड़ी विस्तृत जानकारी जैसे तापमान, वर्षा और हवा की गति भी किसानों तक पहुंचाता है, जिससे उन्हें खेती की समय-सीमा और तकनीक तय करने में मदद मिलती है। किसान अपना मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी इस एप से डाउनलोड कर सकते हैं, जिससे उन्हें अपनी भूमि की उर्वरता और फसल चयन में सही निर्णय लेने में मदद मिलती है। सरकार की नवीनतम योजनाएं और घोषणाएं भी इस एप के माध्यम से तुरंत किसानों तक पहुंचाई जाती हैं।


एप में एक शिकायत निवारण तंत्र भी शामिल है, जहां किसान कृषि संबंधी अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकते हैं। वहीं, पीएम किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित जानकारी के लिए एक एआई-आधारित चैटबॉट भी उपलब्ध है, जो किसानों को तुरंत सटीक जानकारी प्रदान करता है। एक कृषि विशेषज्ञ ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, यह डिजिटल तकनीक का एक बेहतरीन उपयोग है, जो छोटे से छोटे किसान को भी आधुनिक कृषि पद्धतियों और सरकारी सहायता से जोड़ रहा है।


उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विश्वास व्यक्त किया है कि 'बिहार कृषि' मोबाइल एप किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल साथी के रूप में कार्य कर रहा है, जो न केवल उन्हें योजनाओं और सेवाओं की जानकारी उपलब्ध करा रहा है, बल्कि कृषि कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और दक्षता को भी बढ़ा रहा है। यह एप बिहार के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि उत्पादकता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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