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कृषि समाचार

धींगरी, मिल्की और बटन मशरूम की खेती पर दो दिवसीय गहन कार्यशाला संपन्न

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 24 September, 2025 11:00 PM IST
धींगरी, मिल्की और बटन मशरूम की खेती पर दो दिवसीय गहन कार्यशाला संपन्न

नालंदा जिले में प्रगतिशील किसानों के एक समूह को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चांदी, नालंदा में दो दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण दिया गया, जिसका समापन 25 सितंबर 2025 को हुआ। इस प्रशिक्षण में 50 महिला और 50 पुरुष किसानों ने भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों और संबंधित सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।


प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में जिले के पौध संरक्षण अधिकारी संतोष कुमार, भूमि संरक्षण और रसायन विभाग के अध्यक्ष और नालंदा जिले के सहायक निदेशक उद्यान अधिकारी राकेश कुमार, तथा नूरसराय के प्रखंड उद्यान अधिकारी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रभारी रोहित ने मशरूम उत्पादन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को इस क्षेत्र में मौजूद अवसरों से अवगत कराया।


तकनीकी सत्रों का संचालन नूरसराय प्रखंड से आमंत्रित विनीत कुमार ने किया। उन्होंने धींगरी मशरूम और मिल्की मशरूम के सफल उत्पादन की प्रक्रिया विस्तार से बताई, साथ ही उत्पादन में आने वाली संभावित चुनौतियों और उनसे बचाव के तरीकों पर भी चर्चा की। बटन मशरूम उत्पादन की बारीकियों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ, जिससे किसानों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके।


सहायक निदेशक उद्यान राकेश कुमार ने सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसान मशरूम उत्पादन से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ ऑनलाइन फॉर्म भरकर कैसे ले सकते हैं। उन्होंने किसानों को उपलब्ध लाभों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी, ताकि वे सरकारी सहायता का अधिकतम उपयोग कर सकें। मशरूम उत्पादन किसानों के लिए आय का एक सशक्त माध्यम बन सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां पारंपरिक खेती की चुनौतियाँ अधिक हैं।


इस प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को न केवल उत्पादन की व्यावहारिक जानकारी मिली, बल्कि सरकारी सहयोग से अपनी उपज बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त होने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

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