दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ, लगभग 300 से अधिक किसान व वैज्ञानिक होंगे शामिल।
बिहार के बहुप्रतिष्ठित मखाना उद्योग को नई दिशा देने की पहल करते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RPCAU), पूसा समस्तीपुर, में मखाना अनुसंधान एवं विकास उत्कृष्ट केन्द्र का भव्य उद्घाटन किया गया। उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री, भारत सरकार रामनाथ ठाकुर, बागवानी आयुक्त डॉ प्रभात कुमार तथा कुलपति डॉ पी एस पांडेय ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “मखाना अनुसंधान एवं विकास” का भी उद्घाटन हुआ, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से लगभग संभावित 300 से अधिक मखाना किसान, देशभर के वैज्ञानिक, शोधार्थी और उद्यमी भाग ले रहे हैं।
“विश्वविद्यालय ने दिखाई नई राह” – रामनाथ ठाकुर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने प्राकृतिक खेती, डिजिटल एग्रीकल्चर और दीक्षारंभ कार्यक्रम जैसे नवाचारों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि मखाना अनुसंधान एवं विकास उत्कृष्ट केन्द्र उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे किसानों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
नवाचारों की देशभर में चर्चा – डॉ प्रभात कुमार
बागवानी आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि कुलपति का व्यापक अनुभव विश्वविद्यालय की प्रगति में परिलक्षित हो रहा है। उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे संस्थान को उत्कृष्ट बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करें। उनके अनुसार यह राष्ट्रीय संगोष्ठी वैज्ञानिकों, किसानों और उद्यमियों के बीच ज्ञान-विनिमय का सशक्त मंच बनेगी और मखाना उद्योग के लिए नए समाधान सामने आएंगे।
17 वैज्ञानिकों की जंबो टीम करेगी वैल्यू चेन पर काम
कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय ने मखाना के संपूर्ण वैल्यू चेन पर कार्य करने के लिए 17 वैज्ञानिकों की टीम गठित की है। इसमें कृषि, कृषि अभियांत्रिकी, प्रबंधन, विपणन और प्रसार शिक्षा के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम बीज उत्पादन, किसानों के प्रशिक्षण, आधुनिक यंत्रों के विकास, पैकेजिंग और निर्यात जैसे सभी पहलुओं पर समग्र दृष्टिकोण से कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य मखाना की उत्पादकता को दोगुना करना है और उत्कृष्ट केन्द्र इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
गुणवत्ता और उपज बढ़ाने पर फोकस
निदेशक अनुसंधान डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि केन्द्र प्रभेद सुधार, उन्नत उत्पादन तकनीक और फसल कटाई उपरांत प्रबंधन पर अनुसंधान को गति देगा। इससे मखाना की गुणवत्ता और उपज दोनों में वृद्धि होगी, जो किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी।
तकनीकी सत्र और शोध प्रस्तुति
दो दिवसीय संगोष्ठी में मखाना अनुसंधान एवं विकास के विभिन्न पहलुओं पर तकनीकी सत्र, शोध पत्र प्रस्तुतियाँ और गहन चर्चा आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन विद्यापति सभागार, RPCAU, पूसा में 26 फरवरी को पूर्वाह्न 11:30 बजे हुआ।
उद्घाटन समारोह के दौरान दीप प्रज्ज्वलन और सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. पी.के. प्रणव, डीन पीजीसीए डॉ. मयंक राय, डीन फिशरीज डॉ. पी.पी. श्रीवास्तव, डॉ. रामदत्त मिश्रा, डॉ. राकेश मणि शर्मा, डॉ. घनश्याम झा, डॉ. शिवपूजन सिंह, डॉ. कुमार राज्यवर्धन सहित अनेक वैज्ञानिक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।