बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ हो गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डी. आर. सिंह तथा छात्र कल्याण निदेशक श्वेता संभवी के मार्गदर्शन में यह आयोजन 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच हिंदी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी रचनात्मकता को एक मंच प्रदान करना है।
इस पखवाड़े के दौरान कई साहित्यिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता, हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता और हिंदी सुलेख प्रतियोगिता प्रमुख हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इन सभी कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। पखवाड़े के पहले दिन 'हमारे जीवन में हिंदी का महत्व' विषय पर एक हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 20 उत्साही विद्यार्थियों ने अपने विचारों को निबंध के माध्यम से बड़े उत्साह के साथ प्रस्तुत किया।
भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और ज्ञान की वाहक भी होती है, जो विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखती है। इस पखवाड़े के माध्यम से छात्र-छात्राओं को हिंदी भाषा के विभिन्न आयामों को समझने और अपनी अभिव्यक्त करने के कौशल को निखारने का अवसर मिल रहा है।
यह पखवाड़ा कुल 15 दिनों तक चलेगा, जिसके समापन के दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा और उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा।