बिहार सरकार ने राज्य के किसान सलाहकारों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उनके मासिक मानदेय में भारी वृद्धि की घोषणा की है। उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से किसान सलाहकारों का मासिक मानदेय 13,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये कर दिया गया है।
मुख्य विशेषताएं
इस निर्णय के तहत किसान सलाहकारों के मानदेय में 8,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी। राज्य के कुल 7,047 किसान सलाहकार इस योजना से लाभान्वित होंगे। इस वेतन वृद्धि के लिए सरकार ने 67.87 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की है।
कार्य अवधि में भी विस्तार
मानदेय वृद्धि के साथ ही किसान सलाहकारों की दैनिक कार्य अवधि भी 6 घंटे से बढ़ाकर 7 घंटे कर दी गई है। इससे उनकी जिम्मेदारियों और भूमिका में भी व्यापकता आएगी।
किसान सलाहकारों की भूमिका
उप मुख्यमंत्री सिन्हा ने बताया कि पंचायत स्तर पर कार्यरत ये किसान सलाहकार कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। वे प्रगतिशील किसानों का प्रसार-तंत्र बनाकर उन्हें उन्नत कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इनके माध्यम से
- कृषि तकनीक का त्वरित विस्तार
- प्रशिक्षण के बाद मानव संसाधन का बेहतर उपयोग
- कृषि ज्ञान आधारित रोजगार का सृजन
- खेत और किसान के बीच सेतु की भूमिका
कृषि विकास में योगदान
कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसान सलाहकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बताई गई है। पंचायत स्तर के कृषि कार्यालयों से लेकर जमीनी स्तर तक कृषि प्रसार संबंधी कार्यों में उनका योगदान सराहनीय है।
सरकार का दृष्टिकोण
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल किसान सलाहकारों के हित में है, बल्कि राज्य की कृषि प्रणाली को सुदृढ़ और परिणामकारी बनाने की दिशा में भी एक ठोस कदम है। इससे किसान सलाहकारों का मनोबल बढ़ेगा और राज्य में कृषि क्षेत्र के सतत विकास तथा किसानों की आय वृद्धि में सहायता मिलेगी।
यह योजना राज्य स्कीम मद से संचालित की जा रही है और सरकार का यह निर्णय कृषि क्षेत्र को नई गति और दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।