बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने छठे अंतरराष्ट्रीय एग्रोनॉमी कांग्रेस में एक अद्वितीय ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। गौरतलब है कि बीएयू सबौर के निदेशक (अनुसंधान) डॉ. अनिल कुमार सिंह को कृषि विज्ञान में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और दूरदर्शी योगदान के लिए प्रतिष्ठित भारतीय सस्य विज्ञान सोसायटी (ISA), नई दिल्ली द्वारा ISA गोल्ड मेडल 2023 से सम्मानित किया गया है।
आपको बता दें, यह महत्वपूर्ण सम्मान 24–26 नवम्बर को CSIR–नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (NPL) ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में आयोजित '6th International Agronomy Congress' के दौरान प्रदान किया गया। इस वर्ष कांग्रेस का केंद्रीय विषय “स्मार्ट एग्रो-फूड सिस्टम्स एवं पर्यावरणीय संरक्षण के लिए एग्रोनॉमी की पुनःपरिकल्पना” था। इस विशाल सम्मेलन में कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान, कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी सहित 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और 1,000 से अधिक प्रख्यात वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
आईएसए गोल्ड मेडल भारतीय कृषि अनुसंधान में उत्कृष्टता और वैज्ञानिक नेतृत्व के उच्चतम मानदंडों का प्रतीक है। यह पुरस्कार उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है जिन्होंने देश में सस्य विज्ञान, संसाधन संरक्षण, जलवायु-स्मार्ट कृषि और कृषि-नवाचार में असाधारण योगदान दिया हो।
डॉ. अनिल कुमार सिंह ने अपना वैज्ञानिक सफर ICAR–NBPGR, श्रीनगर से शुरू किया और 2023 से वे बीएयू सबौर के निदेशक (अनुसंधान) के रूप में 18 विभागों, 10 कृषि महाविद्यालयों और 15 अनुसंधान स्टेशनों की अनुसंधान प्रणाली का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में बीएयू सबौर देश के सर्वाधिक सक्रिय और नवाचार-नेतृत्व वाले कृषि विश्वविद्यालयों की श्रेणी में स्थापित हो चुका है।
उनकी प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों में पूर्वी भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप 6 उन्नत किस्मों का विकास, 09 पेटेंट, 18 कॉपीराइट और 200 से अधिक शोध पत्र शामिल हैं। विशेष रूप से, उन्होंने 25 वर्षों से जलवायु-लचीली कृषि और संसाधन संरक्षण तकनीकों पर गहन कार्य किया है। संस्थागत मोर्चे पर, उनके मार्गदर्शन में 97 स्टार्टअप्स का संवर्धन किया गया है, जिससे SABAGRIs देश के अग्रणी कृषि-इनक्यूबेशन केंद्रों में प्रतिष्ठित हुआ है। मखाना, जर्दालु और कतरनी चावल जैसे उत्पादों के जैविक-भौगोलिक (GI) संरक्षण में भी उनका नेतृत्व निर्णायक रहा है, जिसने किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस गौरवपूर्ण क्षण पर बीएयू सबौर के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने बधाई देते हुए कहा, “आईएसए गोल्ड मेडल से डॉ. अनिल कुमार सिंह का सम्मानित होना बीएयू सबौर की शोध-परंपरा के लिए गौरव का स्वर्ण अध्याय है। यह उपलब्धि न केवल बिहार, बल्कि संपूर्ण भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत है।” सम्मान प्राप्त करते हुए डॉ. सिंह ने इस पुरस्कार को बीएयू सबौर की पूरी वैज्ञानिक टीम और किसानों के प्रति उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।