बिहार कृषि विश्वविद्यालय के क्लॉथ बैंक ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए एक व्यापक राहत अभियान चलाया। सबौर स्कूल राहत शिविर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से 50 से अधिक विस्थापित परिवारों को आवश्यक सामग्री प्रदान की गई।
संकट की घड़ी में सेवा
हाल की बाढ़ ने क्षेत्र के अनेक परिवारों को बेघर कर दिया है, जो वर्तमान में सबौर स्कूल राहत शिविर में आश्रय ले रहे हैं। इस कठिन समय में बीएयू क्लॉथ बैंक ने तत्काल प्रतिक्रिया दिखाते हुए पीड़ितों की सहायता के लिए कदम बढ़ाया।
व्यापक सहायता सामग्री
राहत अभियान के तहत वितरित सामग्री में शामिल थी:
- सभी आयु वर्गों के लिए कपड़ों का व्यापक संग्रह
- पोषण संबंधी सहायता के रूप में ताजा केले
- तत्काल ऊर्जा प्रदान करने वाले बिस्कुट
विशेष रूप से, केले और बिस्कुट का उदार दान डॉ. रंजना कुमारी और डॉ. प्राच सिंह द्वारा किया गया, जो इस मानवीय प्रयास में उनके योगदान को दर्शाता है।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी
इस राहत कार्य में विश्वविद्यालय के छात्रों ने उत्साहजनक सहयोग दिया। निम्नलिखित छात्रों ने विशेष योगदान दिया: रिशु कुमार सिंह, प्रवेज आलम, अंकित कुमार, मनीष कुमार, खुशबू कुमार, साबिर अली, ऋतिक कुमार, मोहम्मद आशिफ रजा, मदन कुमार।
इन छात्रों ने बीएयू क्लॉथ बैंक समिति के संकाय सदस्यों और स्वयंसेवकों के मार्गदर्शन में वस्तुओं को छांटने और वितरित करने का कार्य संपन्न किया।
संगठित और सम्मानजनक वितरण
छात्रों के समर्पित प्रयासों से वितरण प्रक्रिया न केवल सुचारू रूप से संपन्न हुई, बल्कि पीड़ित परिवारों के सम्मान का भी पूरा ख्याल रखा गया। यह दृष्टिकोण संकट के समय में भी मानवीय गरिमा बनाए रखने के महत्व को दर्शाता है।
नेतृत्व का संदेश
बीएयू क्लॉथ बैंक की अध्यक्ष डॉ. अंशुमान कोहली ने इस अवसर पर कहा, "यह पहल संकट के समय में समुदाय को समय पर सहायता प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हम इस मानवीय प्रयास को संभव बनाने के लिए अपने संकाय और छात्रों के योगदान की गहराई से सराहना करते हैं।"
व्यापक प्रभाव
इस राहत अभियान का व्यापक प्रभाव देखने को मिला:
- 50 से अधिक परिवारों को तत्काल राहत
- बाढ़ से विस्थापित लोगों को मानसिक सहारा
- समुदायिक एकजुटता का प्रदर्शन
- शैक्षणिक संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन
आभार व्यक्ति
बीएयू क्लॉथ बैंक ने इस सफल राहत अभियान के लिए सभी दानदाताओं, स्वयंसेवकों, संकाय सदस्यों और छात्रों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उनके समर्पित सहयोग के बिना इस मानवीय कार्य का सफल होना संभव नहीं था।
सामुदायिक एकता का संदेश
यह पहल न केवल बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत लेकर आई, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे शैक्षणिक संस्थान संकट के समय में समुदाय के साथ खड़े होकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभा सकते हैं। बीएयू क्लॉथ बैंक का यह प्रयास आने वाले समय में अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
इस राहत अभियान से पता चलता है कि शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज की सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को मिली यह सहायता उनके लिए न केवल भौतिक राहत लेकर आई है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं।