बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मृदा विज्ञान विभाग में इंडियन सोसाइटी सबौर अध्याय द्वारा 35वें डॉ. एस. पी. रायचौधुरी मेमोरियल व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में आईसीएआर-काज़री, जोधपुर (राजस्थान) के प्रिंसिपल वैज्ञानिक डॉ. प्रियब्रत संतरा ने 'स्मार्ट कृषि' के विभिन्न आयामों पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अधिष्ठाता (कृषि) डॉ. ए के साह ने की। इसमें निदेशक अनुसंधान, निदेशक प्रसार शिक्षा, निदेशक बीज और प्रक्षेत्र, सह अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य, कृषि प्रौद्योगिकी महाविद्यालय सहित विश्वविद्यालय के अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय के सभी पीजी विभागों के अध्यक्ष, मृदा विज्ञान विभाग के सभी संकाय सदस्य और छात्र भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया था, जिससे बाहरी स्थानों से भी वैज्ञानिकों और सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित हुई और इसका प्रसारण राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक दर्शकों तक पहुंचा।
कार्यक्रम की शुरुआत सबौर अध्याय के अध्यक्ष डॉ. अंशुमान कोहली के स्वागत भाषण से हुई, जिसके बाद डॉ. कस्तूरिकासेन बेउरा ने पिछले एक वर्ष में सबौर चैप्टर की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. सुनील कुमार, सबौर अध्याय के सचिव, ने डॉ. एस. पी. रायचौधुरी के जीवन और योगदान के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी, और डॉ. भाबानी प्रसाद मडल ने अतिथि वक्ता, डॉ. संतरा का औपचारिक परिचय एवं उनके वैज्ञानिक योगदान के बारे में बताया।
अपने व्याख्यान के दौरान डॉ. संतरा ने स्मार्ट कृषि पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कृषि में सोलर फोटोवोल्टैक सिस्टम के अनुप्रयोग, डिजिटल मिट्टी की मानचित्रण और मॉडलिंग, डिजिटल मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कार्बन फार्मिंग, एसआईएस में विभिन्न आईटी प्लेटफॉर्म, मिट्टी के गुणों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सिंचाई के पानी और कृषि क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा के उपयोग के लिए इको-फ्रेंडली प्रथाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का समापन सत्र अधिष्ठाता (कृषि) डॉ. ए के साह की टिप्पणी के साथ शुरू हुआ, जिन्होंने ऐसे वैज्ञानिक और अकादमिक रूप से संतोषजनक व्याख्यान के सफल आयोजन पर खुशी व्यक्त की और आयोजक टीम को बधाई दी। उन्होंने डॉ. संतरा की समृद्ध प्रस्तुति की सराहना की और संकाय सदस्यों और छात्रों पर इसके सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद जताई। कार्यक्रम का समापन इंडियन सोसाइटी सबौर अध्याय के उपाध्यक्ष डॉ. ए. के. झा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।